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SEBI का बड़ा एक्शन: Avadhut Sathe की ट्रेडिंग अकादमी को ₹546 करोड़ लौटाने का आदेश, ₹11.5 करोड़ जुर्माना !

सेबी ने Avadhut Sathe Trading Academy और उसके संस्थापक को बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन निवेश सलाह और रिसर्च सेवाएं देने के मामले में ₹546.17 करोड़ लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही ₹67.87 करोड़ ब्याज जमा करने और कुल ₹11.5 करोड़ जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 23 अक्टूबर 2026 के अंतिम आदेश में Avadhut Sathe Trading Academy Private Limited (ASTAPL), उसके संस्थापक Avadhut Sathe और निदेशक Gouri Avadhut Sathe के खिलाफ कार्रवाई की। सेबी के अनुसार, अकादमी ने पेड कोर्स, सेशन और WhatsApp ग्रुप के जरिए बिना जरूरी पंजीकरण के शेयरों पर निवेश सलाह और रिसर्च सिफारिशें दीं। अकादमी और उसके संस्थापक को प्रतिभूति बाजार से दो साल के लिए प्रतिबंधित भी किया गया है, या जब तक रिफंड के आदेश का पालन नहीं होता- जो भी बाद में हो।

SEBI का बड़ा एक्शन: Avadhut Sathe की ट्रेडिंग अकादमी को ₹546 करोड़ लौटाने का आदेश, ₹11.5 करोड़ जुर्माना !

सेबी की जांच में सामने आया कि अकादमी और उसके संस्थापक ने शेयर बाजार की ट्रेनिंग के नाम पर ऐसी सेवाएं भी दीं जो नियामक के अनुसार निवेश सलाह और रिसर्च एनालिस्ट गतिविधियों के दायरे में आती हैं। इन सेवाओं के लिए जरूरी SEBI रजिस्ट्रेशन नहीं लिया गया था।

जांच 1 जुलाई 2017 से 9 अक्टूबर 2025 तक की अवधि से संबंधित थी। नियामक ने पाया कि प्रतिभागियों को शेयरों के बारे में विशेष सिफारिशें और ट्रेडिंग से जुड़े स्तर बताए जाते थे। सेबी के अनुसार, ये गतिविधियां सामान्य वित्तीय शिक्षा से आगे बढ़ गई थीं।


इस मामले में अकादमी और उसके संस्थापक को संबंधित गतिविधियों से जुटाई गई ₹546.17 करोड़ की रकम लौटाने का निर्देश दिया गया है। यह राशि अकादमी द्वारा शुरुआत से प्रतिभागियों से जुटाई गई पूरी रकम के बराबर नहीं है।

अकादमी ने कुल कितने पैसे जुटाए थे?

SEBI के आदेश पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार, अकादमी ने अपनी शुरुआत से प्रतिभागियों से लगभग ₹601.38 करोड़ जुटाए थे। जांच में संबंधित कार्यक्रमों से जुड़ी ₹546.17 करोड़ की फीस की पहचान की गई, जिसे लौटाने का आदेश दिया गया है।

इसलिए ₹601.38 करोड़ को कुल जुटाई गई रकम और ₹546.17 करोड़ को रिफंड के लिए निर्धारित रकम के रूप में समझना चाहिए। दोनों आंकड़े अलग-अलग हैं।

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ASTPL SEBI Case में किस पर कितना जुर्माना लगा?

SEBI ने अकादमी, उसके संस्थापक और निदेशक Gouri Avadhut Sathe पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

व्यक्ति या संस्थाजुर्माना
Avadhut
Sathe Trading Academy Private Limited₹6 करोड़
Avadhut
Sathe₹4 करोड़
Gouri
Avadhut Sathe₹1.5 करोड़
कुल₹11.5
करोड़

तीनों पक्षों को आदेश प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर जुर्माना भरना होगा। यह जुर्माना रिफंड की रकम और ब्याज से अलग है।

₹67.87 करोड़ ब्याज कहां जमा होगा?

रिफंड के अलावा सेबी ने ₹67.87 करोड़ ब्याज जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि सेबी के Investor Protection and Education Fund (IPEF) में जमा की जानी है।

इस मामले में तीन अलग-अलग वित्तीय निर्देश हैं:
• ₹546.17 करोड़: पात्र प्रतिभागियों को लौटाने के लिए निर्धारित रकम।
• ₹67.87 करोड़: IPEF में जमा किया जाने वाला ब्याज।
• ₹11.5 करोड़: अकादमी और दो संबंधित व्यक्तियों पर लगाया गया जुर्माना।

इन रकमों को एक साथ जोड़कर रिफंड राशि बताना सही नहीं होगा, क्योंकि प्रत्येक का उद्देश्य अलग है।

₹67.87 करोड़ ब्याज कहां जमा होगा ?

रिफंड के अलावा सेबी ने ₹67.87 करोड़ ब्याज जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि सेबी के Investor Protection and Education Fund (IPEF) में जमा की जानी है।

इस मामले में तीन अलग-अलग वित्तीय निर्देश हैं:

• ₹546.17 करोड़: पात्र प्रतिभागियों को लौटाने के लिए निर्धारित रकम।
• ₹67.87 करोड़: IPEF में जमा किया जाने वाला ब्याज।
• ₹11.5 करोड़: अकादमी और दो संबंधित व्यक्तियों पर लगाया गया जुर्माना।

इन रकमों को एक साथ जोड़कर रिफंड राशि बताना सही नहीं होगा, क्योंकि प्रत्येक का उद्देश्य अलग है।

सेबी को अकादमी की किन गतिविधियों पर आपत्ति थी?

  • बिना पंजीकरण निवेश सलाह देना

SEBI Investment Adviser Regulations के तहत निवेश सलाह देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को लागू नियमों के अनुसार पंजीकरण कराना होता है। इसी तरह, रिसर्च एनालिस्ट सेवाओं के लिए संबंधित नियम लागू होते हैं।

सेबी के अनुसार, अकादमी और उसके संस्थापक ने पेड प्रोग्राम, ट्रेनिंग सेशन और WhatsApp ग्रुप के माध्यम से शेयरों पर सिफारिशें दीं। इनमें शेयर खरीदने और बेचने के स्तर, स्टॉप-लॉस और ट्रेडिंग रणनीतियों से जुड़ी जानकारी शामिल थी। नियामक ने इन गतिविधियों को बिना जरूरी पंजीकरण दी गई निवेश सलाह और रिसर्च सेवाओं के रूप में देखा।

  • मुनाफे के दावों पर सवाल

सेबी ने अकादमी की प्रचार सामग्री में मुनाफे वाले ट्रेड और प्रतिभागियों के प्रदर्शन को चुनिंदा तरीके से दिखाने पर भी आपत्ति जताई। नियामक के अनुसार, ऐसे प्रचार में प्रतिभागियों के कुल ट्रेडिंग नुकसान की पूरी तस्वीर सामने नहीं रखी गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, अकादमी को मार्च 2024 में भी प्रदर्शन और प्रचार संबंधी दावों को लेकर प्रशासनिक चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद सेबी ने संबंधित गतिविधियों पर कार्रवाई की।

  • अकादमी ने क्या दलील दी?

अकादमी और उसके संस्थापक का पक्ष था कि उनके कार्यक्रम शेयर बाजार की शिक्षा देने के लिए थे। उनका तर्क था कि प्रतिभागी अपने ट्रेडिंग फैसले खुद लेते थे और फीस ट्रेनिंग कोर्स के लिए ली जाती थी।

हालांकि, सेबी ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। नियामक के अनुसार, किसी कार्यक्रम को शैक्षणिक बताने से उसमें दी जाने वाली सेवाओं की वास्तविक प्रकृति नहीं बदल जाती। यदि गतिविधियां निवेश सलाह या रिसर्च सेवाओं के दायरे में आती हैं, तो संबंधित नियामकीय नियमों का पालन जरूरी है।

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Avadhut Sathe पर शेयर बाजार में कितने समय का प्रतिबंध लगा ?

SEBI ने अकादमी और Avadhut Sathe को दो साल या रिफंड संबंधी निर्देशों का पालन होने तक, जो भी बाद में हो, प्रतिभूति बाजार में पहुंच से प्रतिबंधित किया है।

अकादमी की निदेशक Gouri Avadhut Sathe पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। सेबी ने उनकी जिम्मेदारी को निगरानी संबंधी कर्तव्यों में चूक से जोड़ा है।

इसके अलावा, निर्धारित रकम जमा होने तक संबंधित बैंक खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। ये प्रतिबंध और निर्देश 23 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम आदेश का हिस्सा हैं।

अकादमी के प्रतिभागियों को रिफंड कैसे मिलेगा?

SEBI ने अकादमी और उसके संस्थापक को आदेश प्राप्त होने के पांच महीने के भीतर ₹546.17 करोड़ की निर्धारित रकम एक अलग बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। इस रकम से पात्र प्रतिभागियों को रिफंड किया जाएगा।

रिफंड प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए आदेश प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर अंग्रेजी और हिंदी के राष्ट्रीय अखबारों तथा व्यापक प्रसार वाले स्थानीय भाषा के अखबार में नोटिस प्रकाशित करना होगा।

रिफंड के बाद बची रकम को एक साल तक एस्क्रो खाते में रखा जाएगा, ताकि पात्र क्लाइंट, शिकायतकर्ता और संबंधित प्रतिभागी अपने दावे प्रस्तुत कर सकें। इसके बाद भी बची राशि सेबी के Investor Protection and Education Fund में जमा की जाएगी।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि अकादमी के हर पुराने छात्र को पूरी फीस अपने आप वापस मिल जाएगी। रिफंड के लिए पात्रता और निर्धारित दावा प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

निष्कर्ष

SEBI ने Avadhut Sathe Trading Academy और उसके संस्थापक को बिना जरूरी पंजीकरण के निवेश सलाह और रिसर्च सेवाएं देने के मामले में ₹546.17 करोड़ लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा ₹67.87 करोड़ ब्याज जमा करने, ₹11.5 करोड़ जुर्माना भरने और प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

SEBI ने Avadhut Sathe Trading Academy को ₹546 करोड़ लौटाने का आदेश क्यों दिया?

सेबी के अनुसार, अकादमी और उसके संस्थापक ने जरूरी पंजीकरण के बिना निवेश सलाह और रिसर्च एनालिस्ट सेवाएं दीं। जांच में संबंधित कार्यक्रमों से जुड़ी ₹546.17 करोड़ की रकम की पहचान की गई, जिसे लौटाने का आदेश दिया गया।

Avadhut Sathe Trading Academy पर कुल कितना जुर्माना लगाया गया है?

कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इसमें अकादमी पर ₹6 करोड़, Avadhut Sathe पर ₹4 करोड़ और Gouri Avadhut Sathe पर ₹1.5 करोड़ का जुर्माना शामिल है।

SEBI ने Avadhut Sathe और उनकी अकादमी को शेयर बाजार से कितने समय के लिए प्रतिबंधित किया है?

अकादमी और Avadhut Sathe पर दो साल या रिफंड संबंधी निर्देशों का पालन होने तक, जो भी बाद में हो, प्रतिबंध लगाया गया है। Gouri Avadhut Sathe पर छह महीने का प्रतिबंध है।

SEBI के अनुसार अकादमी ने कौन-सी अनरजिस्टर्ड निवेश सलाहकार सेवाएं दीं?

सेबी के अनुसार, अकादमी ने पेड प्रोग्राम, ट्रेनिंग सेशन और WhatsApp ग्रुप के माध्यम से शेयर संबंधी सिफारिशें, खरीदने-बेचने के स्तर, स्टॉप-लॉस और ट्रेडिंग रणनीतियां बताईं। नियामक ने इन्हें आवश्यक पंजीकरण के बिना दी गई निवेश सलाह और रिसर्च सेवाओं के दायरे में माना।

क्या अकादमी के छात्रों को उनकी फीस वापस मिलेगी?

रिफंड का आदेश संबंधित गतिविधियों से जुड़ी निर्धारित रकम के लिए है। पात्र प्रतिभागियों को प्रकाशित नोटिस में बताई गई प्रक्रिया के अनुसार दावा करना होगा। हर छात्र को पूरी फीस अपने आप वापस मिलने की गारंटी नहीं है।

₹546.17 करोड़ के रिफंड की प्रक्रिया कितने समय में पूरी करनी होगी?

अकादमी और उसके संस्थापक को आदेश प्राप्त होने के पांच महीने के भीतर निर्धारित रकम अलग बैंक खाते में जमा करनी होगी। रिफंड के दावों की प्रक्रिया बताने के लिए 30 दिनों के भीतर अखबारों में नोटिस प्रकाशित करना होगा।

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