PM मोदी ने ओडिशा में किया करीब ₹170 करोड़ के RBI डेटा सेंटर का उद्घाटन, साइबर सुरक्षा को मिलेगी मजबूती !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के जटनी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। करीब ₹169 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में चार स्वतंत्र डेटा सेंटर हैं। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणालियों की विश्वसनीयता बढ़ाना और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। ये दोनों सुविधाएं भुवनेश्वर के पास जटनी स्थित इन्फो वैली-II में बनाई गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना पर करीब ₹169 करोड़ खर्च किए गए हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के राज्यपाल ब्रजमोहन राम और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन सुविधाओं का उद्देश्य भारत की डिजिटल वित्तीय व्यवस्था के लिए सुरक्षित और आधुनिक तकनीकी ढांचा तैयार करना है। जहां डेटा सेंटर महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणालियों के संचालन में मदद करेगा, वहीं साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने पर ध्यान देगा।
RBI का नया डेटा सेंटर क्या काम करेगा?
RBI Data Centre Bhubaneswar को केंद्रीय बैंक की महत्वपूर्ण कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने और देश की वित्तीय प्रणालियों को अधिक मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें चार स्वतंत्र डेटा सेंटर होंगे, जो महत्वपूर्ण भुगतान और सेटलमेंट प्रणालियों सहित RBI के प्रमुख डिजिटल सिस्टम को होस्ट करेंगे।
- इस सुविधा की प्रमुख विशेषताएं हैं:
• चार स्वतंत्र डेटा सेंटर: इससे महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणालियों के संचालन और तकनीकी मजबूती को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
• Tier IV प्रमाणन: इस सुविधा को Uptime Institute के Tier IV मानक के अनुसार प्रमाणित किया गया है। यह डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में उच्च स्तर की परिचालन विश्वसनीयता का मानक है।
• महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियां: RBI के अनुसार, इसमें RTGS और NEFT जैसे भुगतान सिस्टम के साथ अन्य महत्वपूर्ण एप्लिकेशन होस्ट किए जाएंगे।
• सेवाओं की निरंतरता: अतिरिक्त तकनीकी क्षमता से सिस्टम में व्यवधान का जोखिम कम करने और महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं को चालू रखने में मदद मिल सकती है।
आसान भाषा में समझें तो डेटा सेंटर वह सुविधा है जहां सर्वर और संबंधित तकनीकी सिस्टम के माध्यम से डेटा और डिजिटल सेवाओं का संचालन किया जाता है। बैंकिंग व्यवस्था में ऐसी सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि भुगतान और वित्तीय लेनदेन के लिए भरोसेमंद तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी होता है।
इसलिए RBI Data Centre Jatni भारत की डिजिटल वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। हालांकि, डेटा सेंटर की मौजूदगी अपने आप सभी साइबर हमलों या तकनीकी खराबियों को रोकने की गारंटी नहीं देती।

RBI Cybersecurity Training Institute क्यों बनाया गया?
डेटा सेंटर के साथ शुरू किया गया RBI Cybersecurity Training Institute बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा तथा उभरती तकनीकों से जुड़ी विशेषज्ञता विकसित करेगा।
डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ वित्तीय संस्थानों के लिए डेटा की सुरक्षा, साइबर हमलों की पहचान और तकनीकी जोखिमों से निपटने की तैयारी महत्वपूर्ण हो गई है। इस संस्थान का उद्देश्य प्रशिक्षण, शोध और कौशल विकास के जरिए इन क्षमताओं को मजबूत करना है।
- संस्थान के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
• साइबर सुरक्षा और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी से जुड़ा प्रशिक्षण देना।• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों पर विशेषज्ञता विकसित करना।
• क्वांटम कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन जैसी उभरती तकनीकों का अध्ययन करना।
• RBI, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना।
यह संस्थान केवल RBI के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। RBI गवर्नर के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के अन्य संगठनों के कर्मचारियों को भी यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल से भारत में Financial Sector Cybersecurity को मजबूत करने और नए साइबर खतरों से निपटने की तैयारी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
RBI Data Centre Jatni: लागत, क्षेत्रफल और अन्य जानकारियां
यह परियोजना ओडिशा के इन्फो वैली-II, जटनी में करीब 18.55 एकड़ क्षेत्र में फैली है। इसकी आधारशिला 22 मार्च 2023 को तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रखी थी। अक्टूबर 2026 में प्रधानमंत्री ने दोनों सुविधाओं का उद्घाटन किया।
- परियोजना से जुड़ी प्रमुख जानकारियां नीचे दी गई हैं।
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| उद्घाटन की तारीख | 25 अक्टूबर 2026 | |
| उद्घाटन करने वाले | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | |
| स्थान | इन्फो वैली-II, जटनी, ओडिशा | |
| अनुमानित कुल लागत | ₹169 | |
| करोड़ | ||
| परिसर का क्षेत्रफल | 18.55 | |
| एकड़ | ||
| आधारशिला की तारीख | 22 मार्च | |
| 2023 | ||
| डेटा सेंटर की विशेषता | चार स्वतंत्र डेटा सेंटर और | |
| Tier IV प्रमाणन | ||
| प्रमुख उद्देश्य | वित्तीय प्रणालियों की विश्वसनीयता और साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाना |
इस स्थान को चुनने के पीछे भौगोलिक स्थिरता भी एक महत्वपूर्ण कारण रही। RBI गवर्नर के अनुसार, महाराष्ट्र में मौजूद केंद्रीय बैंक के अन्य डेटा सेंटरों से भौगोलिक दूरी होने के कारण ओडिशा की यह सुविधा वित्तीय प्रणालियों की मजबूती बढ़ाने में मदद करेगी।

भारत की डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय डेटा सुरक्षा के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?
भारत में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के विस्तार के साथ महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणालियों का लगातार और भरोसेमंद तरीके से काम करना जरूरी हो गया है। ऐसे में India's Digital Financial Infrastructure को मजबूत करने के लिए आधुनिक डेटा सेंटर और प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका अहम है।
इस परियोजना से दो प्रमुख क्षेत्रों में मदद मिलने की उम्मीद है। पहला, डेटा सेंटर के जरिए RTGS और NEFT जैसी महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों के संचालन को मजबूत करना। दूसरा, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और शोध के जरिए वित्तीय संस्थानों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए उसके डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को साइबर अपराधियों और साइबर आतंकवादियों से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
हालांकि, India's Financial Data Security केवल डेटा सेंटर पर निर्भर नहीं करती। इसके लिए मजबूत सुरक्षा प्रक्रियाएं, नियमित जांच, तकनीकी अपडेट और प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी जरूरत होती है।
ओडिशा के तकनीकी विकास के लिए क्या मायने हैं?
PM Modi Visit Odisha 2026 के दौरान RBI की इन सुविधाओं का उद्घाटन राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से भी जुड़ा है। ओडिशा में खनिज आधारित उद्योगों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ओडिशा के विकास को खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स से जोड़ने की संभावनाओं का उल्लेख किया।
RBI की यह परियोजना राज्य में महत्वपूर्ण तकनीकी सुविधाओं की मौजूदगी बढ़ाती है। इससे साइबर सुरक्षा, वित्तीय तकनीक और उभरती तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण तथा शोध के अवसर विकसित हो सकते हैं। हालांकि, इससे रोजगार और निवेश पर कितना प्रभाव पड़ेगा, इसका आकलन करने के लिए आगे के आंकड़ों की जरूरत होगी।
निष्कर्ष
RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन भारत की डिजिटल वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। करीब ₹169 करोड़ की इस परियोजना से महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों की विश्वसनीयता और वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
PM मोदी ने ओडिशा में RBI के किन दो संस्थानों का उद्घाटन किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया।
RBI का नया Data Centre ओडिशा के किस शहर में बनाया गया है?
यह डेटा सेंटर भुवनेश्वर के पास जटनी स्थित इन्फो वैली-II में बनाया गया है।
RBI Data Centre का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य RTGS और NEFT जैसी महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों को होस्ट करना और वित्तीय सेवाओं के संचालन की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
Cybersecurity Training Institute बैंकिंग सेक्टर को कैसे मजबूत करेगा?
यह संस्थान साइबर सुरक्षा, AI, बिग डेटा, क्वांटम कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों में प्रशिक्षण व शोध को बढ़ावा देगा। इससे RBI, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।
RBI के नए Data Centre और Cybersecurity Institute पर कितनी लागत आई?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों सुविधाओं पर कुल करीब ₹169 करोड़ खर्च किए गए हैं।